📋 सीधा जवाब (18 जुलाई 2026): "Self enumeration" इसलिए ट्रेंड में है क्योंकि 17 जुलाई से तमिलनाडु व त्रिपुरा में जनगणना 2027 की स्व-गणना (खुद ऑनलाइन फॉर्म भरना) शुरू हुई है। राजस्थान में यह चरण पूरा हो चुका है — यहां self enumeration 1-15 मई और घर-घर मकान सूचीकरण 16 मई से 14 जून 2026 तक हुआ था। यानी राजस्थान के लोगों को अभी कुछ नहीं भरना है। अगला बड़ा चरण: फरवरी 2027 की जनसंख्या गणना — जिसमें 1931 के बाद पहली बार जाति की गिनती भी होगी और खुद फॉर्म भरने की सुविधा फिर मिलने की उम्मीद है।

जयपुर। देश की 16वीं जनगणना (पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना — कागजी फॉर्म नहीं) दो चरणों में हो रही है। पहला चरण यानी मकान सूचीकरण 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हो चुका है — राजस्थान भी इनमें शामिल है। यहां जानिए self enumeration आखिर होता कैसे है, SE ID क्या है, और आगे क्या-क्या होना है।

Self Enumeration (स्व-गणना) क्या है?

  • जनगणना के इतिहास में पहली बार मिली वैकल्पिक सुविधा — गणनाकार (enumerator) के आने से पहले आप खुद se.census.gov.in पोर्टल पर अपने घर का फॉर्म भर सकते हैं (जब आपके राज्य की विंडो खुली हो)।
  • तरीका: परिवार के किसी सदस्य के मोबाइल नंबर + OTP से लॉगिन → हिंदी समेत 16 भाषाओं में से चुनें → मकान सूचीकरण के 33 सवालों के जवाब भरें (मकान की स्थिति, पीने का पानी, शौचालय, बिजली, इंटरनेट, ईंधन, वाहन आदि) → सबमिट करते ही SE ID मिलती है (SMS/ईमेल से)।
  • ध्यान रहे — self enumeration करने पर भी गणनाकार घर आता है; उसे SE ID दिखा दें तो वह दोबारा सारे सवाल पूछे बिना जानकारी सत्यापित कर लेता है।
  • यह सुविधा हर राज्य में उसके फील्ड-वर्क से ठीक पहले के 15 दिनों के लिए ही खुलती है — पूरे साल नहीं।

राजस्थान में क्या स्थिति है?

  • राजस्थान में self enumeration की विंडो 1 से 15 मई 2026 थी — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 1 मई को खुद अपना फॉर्म भरकर शुरुआत की थी।
  • घर-घर मकान सूचीकरण 16 मई से 14 जून 2026 तक हुआ; 17 जुलाई की आधिकारिक जानकारी के अनुसार राजस्थान उन 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में है जहां पहला चरण पूरा हो चुका है।
  • अगर आपके घर गणनाकार नहीं पहुंचा था, तो अपने जिले के जनगणना कार्यालय/चार्ज अधिकारी से संपर्क करें — आधिकारिक जानकारी censusindia.gov.in पर है।

आगे क्या? फरवरी 2027 — असली बड़ी गिनती

  • दूसरा चरण यानी जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी (संदर्भ तिथि: 1 मार्च 2027; लद्दाख व बर्फीले क्षेत्रों के लिए 1 अक्टूबर 2026)।
  • इसी चरण में 1931 के बाद पहली बार जाति की गिनती होगी — हर व्यक्ति से जाति पूछी जाएगी।
  • दूसरे चरण में भी self enumeration की सुविधा फिर मिलने की उम्मीद है — हालांकि इसकी तारीखें अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई हैं (सोशल मीडिया पर चल रहीं "9-20 फरवरी" जैसी तारीखें अपुष्ट हैं)। तारीखें घोषित होते ही यह पेज अपडेट होगा।

⚠️ तथ्य बनाम भ्रम

  • जनगणना में कोई फीस नहीं, कोई दस्तावेज नहीं — आधार देना स्वैच्छिक है। फीस/दस्तावेज मांगने वाला कोई भी लिंक फर्जी है।
  • आधिकारिक पोर्टल सिर्फ se.census.gov.in और censusindia.gov.in हैं — मिलते-जुलते नाम वाली साइटों से सावधान।
  • आपकी जानकारी जनगणना कानून के तहत गोपनीय रहती है — सिर्फ आंकड़ों के लिए इस्तेमाल होती है, किसी विभाग से साझा नहीं होती।
  • करीब 34 लाख गणनाकार-सुपरवाइजर इस डिजिटल जनगणना में लगे हैं — गणनाकार मोबाइल ऐप से गिनती करते हैं।

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