
राजस्थान: जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं, सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे परिवार के साथ हुआ भीषण हादसा
राजस्थान में सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे एक परिवार की कार भीषण हादसे का शिकार हो गई। घर में जन्मदिन की खुशियां मातम में बदल गईं।
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राजस्थान में सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे एक परिवार की कार भीषण हादसे का शिकार हो गई। घर में जन्मदिन की खुशियां मातम में बदल गईं।

जयपुर के निकट खाटू श्याम जी से लौट रहे दो युवकों की कार ट्रेलर से टकराने से दर्दनाक मौत हो गई। भीषण टक्कर में कार के परखच्चे उड़ गए और दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

भीलवाड़ा में आयोजित पद संकीर्तन यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। आयोजन के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं और विरोध देखने को मिला।

राजस्थान के उदयपुर में एक पिता ने फाइव-स्टार होटल के बजाय गोशाला को विवाह मंडप बनाया। इस अनोखी शादी में गायों को विशेष रूप से 'छप्पन भोग' परोसा गया।

राजस्थान के जालौर में स्थित यह प्राचीन हनुमान मंदिर अपनी अलौकिक शक्तियों और चमत्कारी इतिहास के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ बजरंगबली के धरती फाड़कर प्रकट होने की पौराणिक कथा भक्तों को आकर्षित करती है।

राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में अक्षय तृतीया के दिन 'आंधल गेटो' नामक अनोखा लोक खेल खेला जाता है। यह परंपरा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

जयपुर के सांगानेर हवाई अड्डे से हज यात्रा 2026 के लिए हाजियों का पहला जत्था रवाना हो गया है। इस वर्ष राजस्थान से कुल 4000 से अधिक श्रद्धालु पाक सफर पर जाएंगे।

खाटूश्याम जी मंदिर के कपाट विशेष श्रृंगार के चलते 19 घंटे बंद रहेंगे। दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालु मंदिर प्रबंधन की नई समय-सारणी जरूर देख लें।

चित्तौड़गढ़ स्थित सांवलिया सेठ मंदिर के दान पात्र से 11.11 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि प्राप्त हुई है। यह मंदिर देश भर के लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र है।

तीर्थराज पुष्कर में देसी गुलाब की खेती किसानों के लिए आय का बड़ा जरिया बन गई है। चेत्र और वैशाख के महीने में गुलाब की बंपर पैदावार से स्थानीय बाजार गुलजार हैं।

अक्षय तृतीया 2026 के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व की विस्तृत जानकारी यहाँ प्राप्त करें। जानिए क्यों इस दिन को 'अबूझ मुहूर्त' माना जाता है और राजस्थान में इसे कैसे मनाया जाता है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने खाटूश्यामजी के दरबार में मत्था टेका। दर्शन के बाद उन्होंने असम विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।