राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूश्यामजी का पावन धाम इन दिनों देश की राजनीति के दिग्गजों का पसंदीदा केंद्र बना हुआ है। इसी क्रम में, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने हाल ही में बाबा श्याम के दरबार में पहुंचकर दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब असम विधानसभा चुनावों को लेकर देशभर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। अपनी आध्यात्मिक यात्रा के दौरान, सीएम शर्मा ने न केवल बाबा का आशीर्वाद लिया, बल्कि असम की चुनावी स्थितियों और खुद पर लग रहे राजनीतिक आरोपों पर भी बेबाक राय रखी।

बाबा श्याम के दरबार में मुख्यमंत्री की आस्था

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा अक्सर अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए जाने जाते हैं। खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन करने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए स्वीकार किया कि वे नियमित रूप से बाबा श्याम के दरबार में आते रहते हैं। सीएम शर्मा के अनुसार, यह उनके लिए एक व्यक्तिगत और आध्यात्मिक अनुभव है, जो उन्हें व्यस्त राजनीतिक जीवन के बीच मानसिक शांति और ऊर्जा प्रदान करता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खाटूश्यामजी को भगवान कृष्ण के वरदान स्वरूप कलयुग का साक्षात देव माना जाता है। वे महाभारत काल के वीर बर्बरीक का अवतार माने जाते हैं। खाटूश्यामजी मंदिर की महिमा इतनी है कि यहां दर्शन करने के लिए साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है। मुख्यमंत्री शर्मा का यहां आना यह स्पष्ट करता है कि वे सत्ता के गलियारों के शोर के बीच ईश्वर के प्रति अपनी अटूट निष्ठा को प्राथमिकता देते हैं। मंदिर परिसर में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ पूजा संपन्न की और देश की सुख-समृद्धि के लिए कामना की।

असम चुनाव और राजनीतिक दांव-पेंच पर खुलकर बोले सीएम

खाटूश्यामजी के दरबार में दर्शन के बाद, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान असम विधानसभा चुनाव के परिणामों को लेकर अपना आत्मविश्वास जाहिर किया। जब उनसे चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में दावा किया कि असम में भारतीय जनता पार्टी न केवल सत्ता में वापसी कर रही है, बल्कि प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।

उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि पार्टी राज्य की कुल सीटों में से 90 से 100 सीटें जीतने की स्थिति में है। यह बयान काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि असम की चुनावी राजनीति में यह आंकड़ा भाजपा की स्थिति को और अधिक मजबूत करने का संकेत देता है।

इसके अतिरिक्त, सीएम शर्मा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा उन पर लगाए गए 'फेक पासपोर्ट' के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इन आरोपों को आधारहीन करार देते हुए कहा कि विपक्षी दल अपनी हताशा में इस तरह के निराधार दावे कर रहे हैं। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा कि जनता ने विकास, सुशासन और शांति को वोट दिया है, जिसके परिणाम चुनाव नतीजों में साफ दिखाई देंगे।

सीकर और शेखावाटी का धार्मिक महत्व

खाटूश्यामजी का यह प्रसिद्ध मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है, जो कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध 'शेखावाटी' अंचल का हिस्सा है। सीकर का यह क्षेत्र न केवल अपनी हवेलियों और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि खाटूश्यामजी के कारण यह दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से राजस्थान की अर्थव्यवस्था में भी बड़ी भूमिका निभाता है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का यहां आगमन यह भी दर्शाता है कि कैसे खाटूश्यामजी का प्रभाव अब केवल स्थानीय या राज्य स्तर तक सीमित न रहकर, राष्ट्रीय स्तर के राजनेताओं के बीच भी गहराई तक पैठ बना चुका है।

पूर्वोत्तर में भाजपा के मुख्य रणनीतिकार

हिमंता बिस्वा शर्मा को पूर्वोत्तर भारत में भाजपा की सफलता का मुख्य सूत्रधार माना जाता है। उन्होंने असम और उसके आसपास के राज्यों में भगवा परचम लहराने में अहम भूमिका निभाई है। एक कुशल रणनीतिकार के रूप में, वे अक्सर अपने बयानों और दौरों से चर्चा में रहते हैं। खाटूश्यामजी के दौरे से पूर्व वे चुनाव प्रचार के दौरान काफी सक्रिय रहे थे। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि हिमंता बिस्वा शर्मा का यह दौरा केवल व्यक्तिगत आस्था नहीं है, बल्कि एक ऐसे नेता का आत्मविश्वास भी झलकता है जो जानता है कि जमीनी स्तर पर उसकी पकड़ कितनी मजबूत है। उनकी कार्यशैली, जिसमें विकास कार्यों के साथ-साथ हिंदुत्व की विचारधारा का संतुलन होता है, उन्हें भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का विश्वासपात्र बनाती है।

निष्कर्ष

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का खाटूश्यामजी दौरा राजनीति और अध्यात्म के अनूठे संगम को दर्शाता है। एक ओर जहाँ वे बाबा श्याम की शरण में मानसिक शांति और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, वहीं दूसरी ओर वे सार्वजनिक मंचों पर अपने राजनीतिक दावों को लेकर भी पूरी तरह आश्वस्त नजर आते हैं। असम चुनाव परिणामों को लेकर किया गया उनका 90 से 100 सीटों का दावा भाजपा के प्रति उनके भरोसे को प्रदर्शित करता है। चाहे विपक्षी दल उन पर कितने भी आरोप लगाएं, सीएम शर्मा ने खाटूश्यामजी के दरबार से यह संदेश दिया है कि वे अपनी कार्यनीति और ईश्वर के आशीर्वाद, दोनों के बल पर आगे बढ़ने में विश्वास रखते हैं। यह यात्रा न केवल उनकी धार्मिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, बल्कि एक राजनेता के रूप में उनकी उस दृढ़ता को भी दिखाती है जो उन्हें वर्तमान भारतीय राजनीति का एक महत्वपूर्ण चेहरा बनाती है।