🟢 बड़ा अपडेट (अगस्त 2026): केंद्र ने PMAY-ग्रामीण के तहत राजस्थान समेत 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी किए हैं — और राजस्थान के लिए अलग से बड़ी सौगात: बारां के राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में 2,89,355 नए आवासों की स्वीकृति (₹3,473 करोड़) का पत्र सौंपा गया। यानी नई स्वीकृतियों और रुकी किस्तों — दोनों का पैसा चलना शुरू: अपनी किस्त/स्वीकृति की स्थिति नीचे बताए तरीके से जांचें, और ग्रामीण लिस्ट में नाम यहां देखें

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जयपुर की सड़कों पर सुबह की पहली किरणें अभी फैली ही थीं, कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के चेहरों पर एक नई उम्मीद की चमक दिखाई देने लगी। यह सिर्फ़ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि लाखों लोगों के पक्के घर के सपने को हकीकत में बदलने का एक सशक्त माध्यम है।

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प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का लक्ष्य है — "सभी के लिए आवास"। इसके दो हिस्से हैं: ग्रामीण (PMAY-G) और शहरी (PMAY-U)। गाँव में पक्का घर बनाने पर ₹1.20–1.30 लाख की सीधी मदद मिलती है, जबकि शहर में PMAY-U 2.0 के तहत प्रति परिवार ₹2.50 लाख तक की सरकारी सहायता दी जाती है।

इस गाइड में हम योजना के दोनों हिस्सों — ग्रामीण और शहरी 2.0 — की सब्सिडी, पात्रता, आय सीमा और आवेदन प्रक्रिया को विस्तार से समझेंगे, और सबसे ज़रूरी बात — नई ग्रामीण सूची में अपना नाम कैसे देखें, यह स्टेप-बाय-स्टेप बताएंगे।

🔵 14 अगस्त 2026 — ताज़ा स्थिति

  • 2026-27 की नई सूची अभी जारी नहीं हुई: राजस्थान में इस वित्त वर्ष की एक भी मंजूरी नहीं हुई है; सभी 353 ब्लॉक में लक्ष्य दर्ज होना अभी बाकी है (14 अगस्त 2026 को सरकारी पोर्टल पर जांचा गया)।
  • पैसा जारी हो चुका है: FY 2026-27 के लिए PMAY-G को ₹54,916.70 करोड़ आवंटित; 28 मई 2026 को राजस्थान सहित 12 राज्यों के लिए ₹10,021.42 करोड़ की पहली “मदर सैंक्शन” मंज़ूर — पर पैसा आना और नाम जुड़ना अलग-अलग चरण हैं
  • आसान पात्रता: मासिक आय सीमा ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000; अब दोपहिया वाहन, फ्रिज या लैंडलाइन होने पर अपात्रता नहीं।
  • Awaas Plus 2024 सर्वे: जो परिवार 2011 की सूची में छूट गए थे, वे “AwaasPlus 2024” ऐप से खुद सर्वे कर नाम जुड़वा सकते हैं — अगली मंजूरी-लहर इसी सर्वे से होगी।
  • राजस्थान की प्रगति: 24,31,960 आवास स्वीकृत (13 अगस्त 2026) — जुलाई के बाद एक भी नई मंजूरी नहीं; 20,34,812 पूर्ण (29 जुलाई 2026)।
  • Awaas Plus 2024 ट्रैक में राजस्थान शून्य पर: देशभर में इस ट्रैक के 39,155 घर जियो-टैग और 36,151 स्वीकृत हो चुके हैं (पंजाब, हिमाचल आगे बढ़ रहे हैं), पर राजस्थान में 0 जियो-टैग और 0 मंजूरी (13 अगस्त 2026)।

PMAY: योजना का परिचय और नया चरण

प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर पात्र परिवार को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का घर उपलब्ध कराना है। यह योजना दो प्रमुख घटकों में बंटी हुई है:

बिंदुविवरण
उद्देश्य"सभी के लिए आवास" (Housing for All) — बुनियादी सुविधाओं सहित पक्का घर
शहरी घटक (PMAY-U)25 जून 2015 को शुरू
ग्रामीण घटक (PMAY-G)20 नवंबर 2016 (इंदिरा आवास योजना का पुनर्गठित रूप)
नया चरणPMAY-G 2.0 (2024–2029) और PMAY-U 2.0 (सितंबर 2024 से 5 वर्ष)
प्रमुख विशेषताघर अधिकतर महिला के नाम या संयुक्त स्वामित्व में

यह योजना अब अपने नए चरण, PMAY-G 2.0 (2024-2029) और PMAY-U 2.0 (2024-2029) में प्रवेश कर चुकी है, जिसमें और भी अधिक परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है।

भाग 1 — प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G)

यह योजना विशेष रूप से उन ग्रामीण परिवारों को लक्षित करती है जो बेघर हैं या वर्तमान में कच्चे या जर्जर मकानों में रह रहे हैं। इसका उद्देश्य उन्हें एक सुरक्षित और पक्का घर प्रदान करना है।

कितनी मदद मिलती है?

PMAY-G के तहत, लाभार्थियों को घर के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसकी राशि क्षेत्र के अनुसार भिन्न होती है:

  • मैदानी क्षेत्र: ₹1,20,000
  • पहाड़ी / दुर्गम / IAP ज़िले: ₹1,30,000

इस सीधी वित्तीय सहायता के अतिरिक्त, लाभार्थियों को कई अन्य लाभ भी मिलते हैं:

  • मनरेगा (MGNREGA) के तहत 90/95 दिन की अकुशल मज़दूरी।
  • स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000।
  • घर का न्यूनतम क्षेत्रफल 25 वर्ग मीटर (जिसमें रसोई भी शामिल है) होना चाहिए।

यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के ज़रिए किस्तों में आती है — नींव, लिंटल और निर्माण पूर्ण होने के चरणों के अनुसार।

लाभार्थी चयन प्रक्रिया

PMAY-G के तहत लाभार्थियों का चयन मुख्य रूप से SECC 2011 (सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना) डेटा और अब Awaas Plus 2024 सर्वे के परिणामों के आधार पर किया जाता है। चयनित सूची को ग्राम पंचायत और ज़िला स्तर पर सत्यापित करने के बाद ऑनलाइन प्रकाशित किया जाता है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।

नई पात्रता शर्तें (2026 अपडेट): अब क्या बदला?

PMAY-G 2.0 में पात्रता के नियम पहले से आसान कर दिए गए हैं, ताकि ज़रूरतमंद परिवार छूट न जाएँ:

  • आय सीमा: परिवार की मासिक आय सीमा ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई है।
  • अब अपात्र नहीं करते: दोपहिया (मोटरसाइकिल/स्कूटर), फ्रिज और लैंडलाइन फोन रखने पर अब परिवार अपात्र नहीं होगा — यह SECC-2011 की पुरानी शर्तों में बड़ी राहत है।
  • अब भी अपात्र (मुख्य शर्तें): चार-पहिया वाहन, कृषि उपकरण या मछली पकड़ने की नाव वाले परिवार; ₹50,000 या अधिक लिमिट का किसान क्रेडिट कार्ड (KCC); कोई सदस्य ₹15,000/माह से अधिक कमाता हो; या भारत में कहीं पहले से पक्का घर हो।

Awaas Plus 2024 सर्वे: सेल्फ-सर्वे ऐप से नाम कैसे जोड़ें

जो पात्र परिवार 2011 की SECC सूची में छूट गए थे, उन्हें जोड़ने के लिए सरकार ने Awaas Plus 2024 सर्वे शुरू किया है। इससे जुड़ने के दो तरीके हैं:

  1. ग्राम पंचायत/सर्वेयर के माध्यम से सर्वे में शामिल हों, या
  2. "AwaasPlus 2024" मोबाइल ऐप डाउनलोड कर, आधार आधारित फेस-ऑथेंटिकेशन से स्वयं (सेल्फ-सर्वे) अपने परिवार और मकान का विवरण भरें।

सर्वे में सत्यापित पात्र परिवार स्थायी प्रतीक्षा सूची (permanent waitlist) में जुड़ जाते हैं और आगे की किस्तों में उन्हें घर स्वीकृत किया जाता है।

PMAY-G 2.0 (2024–2029) — विस्तार और लक्ष्य

अगस्त 2024 में, केंद्रीय कैबिनेट ने PMAY-G के विस्तार को मंजूरी दी, जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक 2 करोड़ अतिरिक्त पक्के घर बनाए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कुल परिव्यय ₹3,06,137 करोड़ है, जिसमें केंद्रांश ₹2,05,856 करोड़ और राज्यांश ₹1,00,281 करोड़ होगा। इस विस्तार से लगभग 10 करोड़ लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है।

अब तक की प्रगति और राजस्थान का योगदान

PMAY-G के तहत जून 2026 तक देशभर में 3.91 करोड़ से अधिक घर स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 3.09 करोड़ पूर्ण हो चुके हैं। स्वीकृत घरों में लगभग 75% घर महिलाओं के नाम पर या संयुक्त स्वामित्व में पंजीकृत हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने PMAY-G को ₹54,916.70 करोड़ आवंटित किए हैं, और 28 मई 2026 को राजस्थान सहित 12 राज्यों के लिए ₹10,021.42 करोड़ की “मदर सैंक्शन” (पहली किस्त) जारी की।

राजस्थान की स्थिति (29 जुलाई 2026, ताज़ा जांच 13 अगस्त): राज्य में अब तक 24,32,004 आवास स्वीकृत और 20,34,812 पूर्ण हो चुके हैं — यानी करीब 3,97,192 मकान अभी निर्माणाधीन या बकाया हैं। राज्य का कुल MoRD लक्ष्य 24,97,121 आवास है, इसलिए मौजूदा आवंटन में अब सिर्फ करीब 65,000 आवास की गुंजाइश बची है। ध्यान देने वाली बात यह है कि 4 से 29 जुलाई के बीच 37,269 मकान और पूरे हुए, लेकिन नई मंजूरी एक भी नहीं हुई — यानी काम पुराने स्वीकृत मकानों पर चल रहा है, नए नाम अभी नहीं जुड़ रहे।

2026-27 की नई सूची कब आएगी? (14 अगस्त 2026 की पड़ताल)

⚠️ कई वेबसाइटें लिख रही हैं कि “नई लिस्ट जारी हो गई” — यह सही नहीं है। हमने 14 अगस्त 2026 को सरकारी AwaasSoft पोर्टल पर फिर से खुद जांचा: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजस्थान में अभी एक भी नई मंजूरी (sanction) नहीं हुई है। उसी जांच में 2025-26 के आंकड़े हूबहू पहले जैसे मिले — यानी रिपोर्ट चल रही है और 2026-27 का शून्य असली है।

वजह यह है कि पैसा आने और नाम स्वीकृत होने के बीच एक कदम बाकी है। सरकार की अपनी रिपोर्ट “Gap in entry of Targets” के अनुसार राजस्थान के सभी 353 ब्लॉक में 2026-27 का लक्ष्य अभी दर्ज ही नहीं हुआ (दर्ज: 0, बाकी: 353) — और लक्ष्य दर्ज हुए बिना किसी का नाम स्वीकृत नहीं हो सकता। तुलना के लिए, 2024-25 व 2025-26 के लिए यही रिपोर्ट खाली आती है, यानी उन सालों के लक्ष्य पूरे दर्ज हो चुके हैं।

तो कब आ सकती है? हमने राजस्थान के सभी 48 जिलों की 96 ग्राम पंचायतों की 6,741 स्वीकृतियों की असली स्वीकृति तिथि निकालकर देखी — मंजूरियां रोज़ थोड़ी-थोड़ी नहीं, हर साल एक बड़ी लहर में आती हैं:

वित्त वर्षपहली मंजूरीसबसे बड़ी लहर
2024-255 सितंबर 2024सितंबर 2024 (28%) और फरवरी 2025 (61%)
2025-261 मई 2025मई 2025 (97% — लगभग सब एक ही महीने में)
2026-27अभी तक एक भी नहीं

इस बार मई वाली खिड़की निकल चुकी है, इसलिए अगली संभावित खिड़की अगस्त–सितंबर 2026 है — बशर्ते उससे पहले ब्लॉक-वार लक्ष्य दर्ज हो जाएं। यह हमारा आकलन है, सरकारी घोषणा नहीं; आज तक किसी विभाग ने 2026-27 की सूची की कोई तारीख घोषित नहीं की है। गांव-वार पूरी सूची, जिलेवार आंकड़े और PDF डाउनलोड के लिए देखें — पीएम आवास योजना ग्रामीण लिस्ट 2026

ग्रामीण सूची 2026 में अपना नाम कैसे देखें? (स्टेप-बाय-स्टेप)

PMAY-G की लाभार्थी सूची में अपना नाम आप आधिकारिक पोर्टल pmayg.nic.in पर मुफ़्त में देख सकते हैं। दो आसान तरीके हैं:

तरीका 1 — रजिस्ट्रेशन नंबर से:

  1. pmayg.nic.in खोलें और मेन्यू में "Stakeholders" पर क्लिक करें।
  2. "IAY / PMAYG Beneficiary" चुनें।
  3. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर "Submit" करें — आपकी आवेदन/मकान स्थिति दिख जाएगी।

तरीका 2 — बिना रजिस्ट्रेशन नंबर (अनुशंसित, पूरी गाँव की सूची):

  1. pmayg.nic.in पर "Reports" / "Social Audit Reports (H)" सेक्शन खोलें।
  2. "Beneficiary details for verification" पर क्लिक करें।
  3. राज्य में Rajasthan, फिर अपना ज़िला → ब्लॉक → ग्राम पंचायत/गाँव चुनें।
  4. Scheme में "Pradhan Mantri Awaas Yojana" चुनें, कैप्चा भरकर "Submit" करें।
  5. आपके गाँव की पूरी लाभार्थी सूची खुल जाएगी, जिसे आप PDF/Excel में डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।

किस्त/भुगतान की स्थिति "Awaassoft → FTO Tracking" से देखी जा सकती है। मोबाइल पर "AwaasApp" से भी प्रगति ट्रैक की जा सकती है।

भाग 2 — प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0)

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। यह नया चरण सितंबर 2024 से अगले 5 वर्षों (2029 तक) के लिए लागू है, जिसका मुख्य लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में आवास की कमी को पूरा करना है।

मुख्य बातें और सरकारी सहायता

PMAY-U 2.0 का लक्ष्य 1 करोड़ शहरी परिवारों को घर उपलब्ध कराना है, जिसके लिए कुल ₹10 लाख करोड़ का निवेश किया जाएगा। प्रति इकाई सरकारी सहायता ₹2.50 लाख तक हो सकती है। यह सहायता राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और बैंकों/वित्तीय संस्थाओं (PLIs) के माध्यम से लाभार्थियों तक पहुंचाई जाएगी।

आय के आधार पर वर्ग (Income Criteria)

योजना का लाभ विभिन्न आय वर्गों के परिवारों को प्रदान किया जाता है:

  • EWS (आर्थिक रूप से कमज़ोर): वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख तक
  • LIG (निम्न आय वर्ग): वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख – ₹6 लाख
  • MIG (मध्यम आय वर्ग): वार्षिक पारिवारिक आय ₹6 लाख – ₹9 लाख

चार वर्टिकल (योजना के चार रास्ते)

PMAY-U 2.0 चार मुख्य वर्टिकल के माध्यम से लाभार्थियों को सहायता प्रदान करती है:

  1. BLC — Beneficiary Led Construction (स्वयं घर बनाना): EWS श्रेणी के परिवार (₹3 लाख तक की आय) अपनी ज़मीन पर 45 वर्ग मीटर तक का नया पक्का घर बनाने के लिए ₹2.5 लाख तक की मदद के पात्र हैं।
  2. AHP — Affordable Housing in Partnership (साझेदारी में किफ़ायती घर): इसमें सार्वजनिक और निजी एजेंसियाँ मिलकर 30–45 वर्ग मीटर के किफ़ायती घर बनाती हैं, जिन्हें पात्र EWS लाभार्थियों को आवंटित किया जाता है।
  3. ARH — Affordable Rental Housing (किफ़ायती किराये के घर): यह वर्टिकल शहरी प्रवासियों, बेघर लोगों, औद्योगिक और निर्माण श्रमिकों, तथा कामकाजी महिलाओं के लिए किफ़ायती किराये के मकान उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।
  4. ISS — Interest Subsidy Scheme (ब्याज सब्सिडी): 1 सितंबर 2024 या उसके बाद लिए गए गृह ऋण पर ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसका अधिकतम लाभ ₹1.80 लाख तक हो सकता है, जो किश्तों में दिया जाता है। EWS/LIG/MIG (आय क्रमशः ₹3/₹6/₹9 लाख तक) तीनों वर्ग इसके लिए पात्र हैं।

ISS की बारीकियाँ

ब्याज सब्सिडी योजना के तहत, आम तौर पर ₹25 लाख तक के गृह ऋण और ₹35 लाख तक के घर मूल्य पर छूट मिलती है। यह सब्सिडी पहली ₹8 लाख की ऋण राशि पर लागू होती है (सटीक शर्तें आधिकारिक दिशानिर्देशों पर निर्भर करती हैं)। विस्तृत जानकारी के लिए pmay-urban.gov.in देखें।

पात्रता की शर्तें

PMAY-U 2.0 के लिए पात्रता हेतु निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होती हैं:

  • परिवार के पास देश में कहीं भी कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए।
  • परिवार ने पिछले 20 वर्षों में किसी अन्य सरकारी आवास योजना का लाभ न लिया हो।
  • परिवार EWS/LIG/MIG आय वर्ग में आता हो।

आवेदन और स्टेटस कैसे चेक करें?

आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है:

  1. आधिकारिक पोर्टल pmay-urban.gov.in पर जाएं।
  2. "Eligibility Check" (आधार आधारित) के माध्यम से अपनी पात्रता जांचें।
  3. यदि पात्र हैं, तो ऑनलाइन फॉर्म भरें, जिसमें आधार, आय प्रमाण, बैंक विवरण और घर/ज़मीन की जानकारी देनी होगी।
  4. आवेदन की स्थिति pmay-urban.gov.in के "Search Beneficiary / Track Application" से देखें; राजस्थान के निवासी SSO/ई-मित्र या नगर निगम/नगर पालिका से भी आवेदन व स्टेटस जान सकते हैं।

राजस्थान के लिए विशेष: लोकल एंगल

ग्रामीण: राजस्थान उन 12 राज्यों में से एक है जिन्हें 28 मई 2026 को PMAY-G के तहत ₹10,021.42 करोड़ की महत्वपूर्ण "मदर सैंक्शन" (पहली किस्त) प्राप्त हुई है। यह प्रदेश में ग्रामीण आवास परियोजनाओं को बड़ा बढ़ावा देगा।

शहरी: जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर जैसे प्रमुख शहरों में PMAY-U 2.0 के तहत EWS/LIG/MIG आय वर्ग के परिवार BLC (स्वयं घर बनाना) और ISS (ब्याज सब्सिडी) जैसे वर्टिकल से विशेष लाभ उठा सकते हैं। स्थानीय निवासी राजस्थान के SSO पोर्टल / ई-मित्र या अपने नगर निगम/नगर पालिका कार्यालय के माध्यम से भी आवेदन और स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

और भी पढ़ें: पालनहार योजना राजस्थान 2026: पात्रता, राशि और आवेदन · मूल निवास प्रमाण पत्र राजस्थान: ऑनलाइन आवेदन और ज़रूरी दस्तावेज़

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-G और PMAY-U 2.0) भारत सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है जो हर परिवार को अपना पक्का घर देने के सपने को साकार कर रही है। 2026 में आय सीमा बढ़ने और पात्रता आसान होने से अब और भी परिवार इसके दायरे में आ गए हैं। ऊपर बताए तरीके से अपनी ग्रामीण सूची में नाम ज़रूर जांचें, और पात्र होने पर समय रहते आवेदन या Awaas Plus सर्वे पूरा करें।

👉 विस्तृत गाइड: बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के अपने गाँव की पूरी सूची व PDF डाउनलोड करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप तरीका यहाँ देखें — पीएम आवास योजना ग्रामीण लिस्ट 2026: नाम कैसे देखें और सूची PDF डाउनलोड करें