"नरेगा में काम कैसे मिलता है?" — जवाब है: काम मांगने से मिलता है, अपने-आप नहीं। यह कानूनी गारंटी है — नए कानून VB-G RAM G (1 जुलाई 2026 से) के तहत हर ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन काम का हक है, और मांगने पर तय समय में काम न मिले तो बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान है। यहां काम मांगने की पूरी प्रक्रिया (फॉर्म-6), राजस्थान का खास पखवाड़ा-डिमांड नियम और आपके अधिकार हैं।
🟢 एक लाइन में: जॉब कार्ड + e-KYC करवाओ → ग्राम पंचायत में फॉर्म-6 से काम की मांग दर्ज कराओ (रसीद जरूर लो) → 15 दिन में काम मिलना कानूनी हक → न मिले तो भत्ते का दावा।
काम मांगने की प्रक्रिया — स्टेप बाय स्टेप
- जॉब कार्ड तैयार रखें: कार्ड न हो या e-KYC बाकी हो तो पहले यह प्रक्रिया पूरी करें।
- फॉर्म-6 (काम की मांग) भरें: ग्राम पंचायत/रोजगार सहायक के पास लिखित मांग दें — कितने सदस्य, किस तारीख से, कितने दिन। मौखिक मांग भी मान्य है पर लिखित + पावती रसीद ही आपका सबूत है।
- राजस्थान का खास नियम: राज्य में (अप्रैल 2025 से) काम की मांग पखवाड़ावार (fortnight-wise) पोर्टल पर दर्ज होती है — आप आने वाले महीनों के पखवाड़े चुनकर पहले से मांग दर्ज करा सकते हैं। e-Mitra/रोजगार सहायक से दर्ज करवाएं।
- 15 दिन का नियम: मांग दर्ज होने के 15 दिन में रोजगार देना अनिवार्य है; काम सामान्यतः गांव के 5 किमी दायरे में मिलता है (इससे दूर पर अतिरिक्त भत्ते का प्रावधान)।
- काम पर जाएं व हाजिरी सुनिश्चित करें: हाजिरी डिजिटल दर्ज होती है; मजदूरी साप्ताहिक आती है।
125 दिन का हिसाब समझें
- गारंटी प्रति परिवार 125 दिन/वर्ष है (परिवार के सदस्य मिलकर बांट सकते हैं) — 125 दिन × ₹300 = ₹37,500 तक सालाना।
- राजस्थान में पहले 100+25 (राज्य-वित्तपोषित) दिन मिलते थे — अब नए कानून में ही 125 दिन राष्ट्रीय गारंटी है; राज्य की ओर से इससे आगे अतिरिक्त दिनों की कोई नई घोषणा अभी नहीं हुई है।
- सहरिया, कथौड़ी व खैरवा जनजातीय परिवारों को राजस्थान में राज्य निधि से 200 दिन तक रोजगार मिलता रहा है — नई व्यवस्था में इस विशेष प्रावधान की निरंतरता पर आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है; ताज़ा स्थिति ग्राम पंचायत से पुष्टि करें।
🟡 नया प्रावधान — जान लें: VB-G RAM G में कृषि-सीजन के दौरान 60 दिन तक नरेगा कार्य रोकने (pause) का प्रावधान है, ताकि खेती में मजदूर मिलें। यानी बुवाई/कटाई के पीक में काम बंद रह सकता है — उस अवधि की योजना बनाकर पहले/बाद के पखवाड़ों की मांग दर्ज कराएं।
काम न मिले तो — आपके 3 हक
| स्थिति | हक | कैसे लें |
|---|---|---|
| मांग के 15 दिन में काम नहीं | बेरोजगारी भत्ता | पावती रसीद के साथ कार्यक्रम अधिकारी (BDO) को दावा |
| मजदूरी तय समय पर नहीं | विलंब मुआवजे का प्रावधान | BDO/जिला कार्यक्रम समन्वयक को लिखित शिकायत |
| सुनवाई नहीं | शिकायत/सोशल ऑडिट | राजस्थान संपर्क 181, ग्राम सभा/सोशल ऑडिट में मामला रखें |
नोट: शहरी क्षेत्र के लिए राजस्थान में अलग योजना — मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना (पूर्व नाम इंदिरा गांधी शहरी रोजगार) — चल रही है; उसकी दरें व नियम अलग हैं, इस लेख के ग्रामीण आंकड़े उस पर लागू नहीं होते।
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निष्कर्ष
नरेगा (VB-G RAM G) में काम पाने का मंत्र: मांगो, दर्ज कराओ, रसीद रखो। 125 दिन का हक परिवार का कानूनी अधिकार है — फॉर्म-6/पखवाड़ा-डिमांड से मांग दर्ज कराएं, 15 दिन में काम न मिले तो भत्ते का दावा ठोकें। e-KYC व आधार-लिंक खाता पहले से तैयार रखें ताकि मजदूरी न अटके।
स्रोत: VB-G RAM G अधिनियम 2025 (प्रभावी 1 जुलाई 2026); ग्रामीण विकास विभाग — nrega.dord.gov.in; nrega.rajasthan.gov.in (मेट पैनल परिपत्र); राजस्थान सरकार की घोषणाएं। नियम/दरें समय-समय पर बदल सकती हैं — ताज़ा पुष्टि आधिकारिक पोर्टल या ग्राम पंचायत से करें।






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