
RPSC 1st Grade Expected Cutoff 2026: सब्जेक्ट व कैटेगरी-वाइज अनुमान
RPSC 1st Grade Expected Cutoff 2026 का इंतज़ार? जानें विभिन्न विषयों और कैटेगरी के लिए अनुमानित कटऑफ। पिछली कटऑफ के आधार पर विश्लेषण प्रस्तुत।
School Lecturer से जुड़ी सभी ताज़ा खबरें, रिपोर्ट्स और अपडेट एक जगह। कुल 11 खबरें।

RPSC 1st Grade Expected Cutoff 2026 का इंतज़ार? जानें विभिन्न विषयों और कैटेगरी के लिए अनुमानित कटऑफ। पिछली कटऑफ के आधार पर विश्लेषण प्रस्तुत।

RPSC 1st Grade परीक्षा 2026 की डेट-वाइज शेड्यूल जारी हो चुकी है। यह परीक्षा 31 मई से 11 जून तक 3225 पदों के लिए आयोजित होगी। जानें कब है किस विषय की परीक्षा।

RPSC स्कूल लेक्चरर 2022 और 2024 की subject-wise + category-wise cut-off marks। GE, OBC, SC, ST, EWS की क्या-क्या cutoff रही? 2026 की अपेक्षित कट-ऑफ भी जानें।

RPSC 1st Grade Teacher (स्कूल लेक्चरर) की 2026 की सैलरी स्ट्रक्चर जानें। Level 12 के ₹44,300 बेसिक से शुरू, in-hand ₹65,000-₹72,000। DA, HRA, TA, probation salary, और promotion का पूरा detail।

RPSC स्कूल लेक्चरर परीक्षा 2026 का पूरा सिलेबस और एग्जाम पैटर्न। पेपर I (150 अंक) और पेपर II (300 अंक) के विषय, अंक वितरण और न्यूनतम उत्तीर्णांक की जानकारी।

RPSC स्कूल लेक्चरर 2026 की official answer key, subject-wise PDF, objection raise करने की तिथि और प्रक्रिया। पेपर I और पेपर II के answers एक जगह — exam के बाद यहाँ update होंगे।

RPSC स्कूल लेक्चरर परीक्षा 31 मई से 11 जून 2026 तक होगी। जानिए एग्जाम सेंटर पर क्या ले जाना है, ड्रेस कोड और ज़रूरी नियम।

RPSC 1st Grade Teacher Admit Card 2026 जारी कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी 31 मई 2026 से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए आधिकारिक वेबसाइट से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्कूल व्याख्याता भर्ती-2022 की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। आयोग द्वारा 2 साल बाद आंसर की बदलने के फैसले के खिलाफ यह कदम उठाया गया है।

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने स्कूल लेक्चरर भर्ती 2024 के अंतर्गत भौतिक विज्ञान विषय का परिणाम जारी कर दिया है। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

10वीं में 51 प्रतिशत अंक लाने वाले बाड़मेर के हनुमान बिश्नोई ने अपनी मेहनत से स्कूल लेक्चरर बनकर एक मिसाल कायम की है। उनकी यह कहानी साबित करती है कि शैक्षणिक पृष्ठभूमि सफलता की राह में बाधा नहीं है।