भीषण गर्मी की चादर में लिपटा राजस्थान एक बार फिर अपने चरम पर है, जहाँ नौतपा के दूसरे दिन भी सूरज आग उगल रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग (IMD) जयपुर केंद्र के अनुसार, दिन की तपिश के साथ-साथ रातें भी अब लोगों को राहत नहीं दे रही हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर इस चिलचिलाती गर्मी से कब निजात मिलेगी।

राजस्थान में रविवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान कोटा में 45.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फलोदी में पारा 45.2 डिग्री सेल्सियस और श्रीगंगानगर में 45.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। गर्म हवाओं और बेहद कम आर्द्रता (10-25%) के कारण हालात और भी गंभीर बने हुए हैं। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हैं।

रात का तापमान भी चिंताजनक बना हुआ है। फलोदी में न्यूनतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस और कोटा में 32.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे रातभर गर्मी का अहसास बना रहा। मौसम विभाग इस स्थिति को ‘वॉर्म नाइट’ की श्रेणी में रखता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है।

राजस्थान के 19 जिलों में हीटवेव का अलर्ट

नौतपा के प्रकोप के बीच, मौसम विभाग ने आज राज्य के 19 जिलों के लिए हीटवेव (लू) को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। तेज गर्म हवाओं और लू के कारण लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह मौसम जानलेवा साबित हो सकता है।

गर्मी के साथ धूलभरी आंधी का भी खतरा

मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलने की भी संभावना जताई है। इससे गर्मी के साथ-साथ धूल प्रदूषण का स्तर भी बढ़ सकता है, जिससे सांस संबंधी मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है।

और भी पढ़ें: IMD अलर्ट: 19 राज्यों में आंधी-तूफान का कहर, कहीं बारिश तो कहीं लू की दोहरी मार

तापमान का रिकॉर्ड: श्रीगंगानगर सबसे गर्म

हाल के दिनों में राज्य के कई शहरों का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है। श्रीगंगानगर इस कड़ी में सबसे आगे रहा, जहां तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, चूरू और जयपुर जैसे प्रमुख शहरों में भी तापमान 43 से 46 डिग्री के बीच रहा।

शहरों के नामतापमान
श्रीगंगानगर47 डिग्री सेल्सियस
बाड़मेर46.8 डिग्री सेल्सियस
जैसलमेर46 डिग्री सेल्सियस
वनस्थली45.1 डिग्री सेल्सियस
अलवर45 डिग्री सेल्सियस
बीकानेर44.8 डिग्री सेल्सियस
कोटा44.8 डिग्री सेल्सियस
चूरू44.9 डिग्री सेल्सियस
जयपुर43.6 डिग्री सेल्सियस

कहां है ऑरेंज और येलो अलर्ट?

IMD के चेतावनी मानचित्र के अनुसार, जैसलमेर और फलोदी में अति उष्ण लहर और उष्ण रात्रि का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में दिन और रात दोनों समय अत्यधिक गर्मी रहने की संभावना है। वहीं, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, जोधपुर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, भरतपुर, धौलपुर, डीग, करौली और कोटा समेत कई जिलों में लू चलने का 'येलो अलर्ट' लागू है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकती। कुछ इलाकों में मौसम अचानक करवट भी ले सकता है। विभाग ने 16 जिलों में धूलभरी आंधी और बारिश की चेतावनी भी जारी की है, जिससे तापमान में कुछ राहत मिल सकती है।

किन जिलों को मिलेगी फिलहाल राहत?

अच्छी खबर यह है कि राज्य के कुछ जिलों में फिलहाल मौसम को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। जालौर, पाली, नागौर, उदयपुर, सिरोही और राजसमंद जैसे क्षेत्रों को 'ग्रीन जोन' में रखा गया है। यहां तापमान अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है, हालांकि गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा।

27 मई तक गर्मी अपने चरम पर

मौसम विभाग का अनुमान है कि 26 और 27 मई को पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यानी, अगले दो दिन राज्य के लिए सबसे कठिन साबित हो सकते हैं।

और भी पढ़ें: राजस्थान में भीषण गर्मी का प्रकोप: जयपुर में टूटा तापमान का रिकॉर्ड, 18 जिलों में अलर्ट

28 मई से राहत की उम्मीद

राजस्थानवासियों के लिए राहत की खबर यह है कि 28 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 28 और 29 मई को कई इलाकों में तेज आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है।

किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को इस भीषण गर्मी और संभावित आंधी-बारिश से अपनी फसलों, अनाज और कृषि उपज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है। साथ ही, पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और छांव की व्यवस्था करने की भी हिदायत दी गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय

डॉक्टरों का कहना है कि इस चिलचिलाती गर्मी में खूब पानी पीना, हल्का और सुपाच्य भोजन करना, और धूप में निकलते समय सिर व चेहरे को अच्छी तरह ढकना बेहद जरूरी है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर के अंदर ही रहने की सलाह दी गई है।

निष्कर्ष

फिलहाल राजस्थान में नौतपा का प्रकोप जारी है और अगले दो दिन गर्मी अपने चरम पर रहने की उम्मीद है। हालांकि, 28 मई के बाद मौसम में बदलाव और तापमान में गिरावट की संभावना है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।

स्रोत: News18 Rajasthan