
उदयपुर के मांगीलाल का कमाल: मोर पंखों पर उकेर रहे हैं भील संस्कृति, बारीकी देख दंग रह जाएंगे आप
उदयपुर के कलाकार मांगीलाल भील ने मोर पंखों पर अपनी अद्भुत कलाकारी से भील संस्कृति को जीवंत कर दिया है। उनकी इस अनूठी शैली की हर तरफ चर्चा हो रही है।
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उदयपुर के कलाकार मांगीलाल भील ने मोर पंखों पर अपनी अद्भुत कलाकारी से भील संस्कृति को जीवंत कर दिया है। उनकी इस अनूठी शैली की हर तरफ चर्चा हो रही है।

भीलवाड़ा के तिलौली गांव के मेधावी छात्रों ने अपनी मेहनत से दिल्ली की हवाई यात्रा का इनाम जीता है। इस अनोखी पहल ने ग्रामीण बच्चों के सपनों को नई उड़ान दी है।

धौलपुर की 'छप्पर उठाने' की परंपरा कभी सामुदायिक एकता का प्रतीक हुआ करती थी। आधुनिक निर्माण शैली के बीच यह सामाजिक उत्सव अब इतिहास के पन्नों में सिमट रहा है।

राजस्थान के जालौर जिले की 125 साल पुरानी राठी रबड़ी भीषण गर्मी में लोगों को राहत देने वाला एक पारंपरिक कूलिंग एजेंट बनी हुई है। अपने अनोखे स्वाद के कारण यह आम लोगों के साथ-साथ वीआईपी लोगों की भी पहली पसंद है।

जैन धर्म में मौन को एक महत्वपूर्ण साधना माना गया है। यह लेख बताता है कि पूजा और भोजन के समय अनुशासन का पालन करना क्यों आवश्यक है।

भीलवाड़ा में आयोजित पद संकीर्तन यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। आयोजन के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं और विरोध देखने को मिला।

राजस्थान के पाली में एक दुल्हन ने अपनी शादी की रस्मों के तुरंत बाद परीक्षा केंद्र पहुंचकर मिसाल कायम की। दुल्हन को शादी के जोड़े में देख वहां मौजूद लोग दंग रह गए।

राजस्थान के उदयपुर में एक पिता ने फाइव-स्टार होटल के बजाय गोशाला को विवाह मंडप बनाया। इस अनोखी शादी में गायों को विशेष रूप से 'छप्पन भोग' परोसा गया।

राजस्थान के जालौर में स्थित यह प्राचीन हनुमान मंदिर अपनी अलौकिक शक्तियों और चमत्कारी इतिहास के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ बजरंगबली के धरती फाड़कर प्रकट होने की पौराणिक कथा भक्तों को आकर्षित करती है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर राजस्थान के मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने खरगे के साथ राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है।

जालोर के भीनमाल में एक परिवार को शादी के दौरान पंचायत के तुगलकी फरमान का सामना करना पड़ा है। परिवार को सामाजिक बहिष्कार और लाखों रुपये जुर्माने की धमकी दी गई है।

सीकर के रोलसाहबसर गांव के सरकारी स्कूल में भामाशाह ने टॉपर बेटियों को कार और नकद राशि देकर सम्मानित किया। इस पहल ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है।