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धर्म

37 लेख
अक्षय तृतीया 2026 राजस्थान जिलेवार शुभ मुहूर्त

अक्षय तृतीया 2026: राजस्थान के सभी जिलों के शुभ मुहूर्त, पूजा समय और सोना खरीदने का समय

अक्षय तृतीया 2026 (आखा तीज) 19 अप्रैल को है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर सहित राजस्थान के सभी जिलों का पूजा मुहूर्त और सोना खरीदने का शुभ समय जानें।

मोहनलाल·72 दिन पहले
अक्षय तृतीया 2026: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक महत्व, जानिए सब कुछ

अक्षय तृतीया 2026: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक महत्व, जानिए सब कुछ

अक्षय तृतीया 2026 के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व की विस्तृत जानकारी यहाँ प्राप्त करें। जानिए क्यों इस दिन को 'अबूझ मुहूर्त' माना जाता है और राजस्थान में इसे कैसे मनाया जाता है।

मोहनलाल·72 दिन पहले
बीकानेर स्थापना दिवस: फूलों से सजेगा शहर, मंदिरों में पहली बार दिखेगी भव्य पुष्प रंगोली

बीकानेर स्थापना दिवस: फूलों से सजेगा शहर, मंदिरों में पहली बार दिखेगी भव्य पुष्प रंगोली

अक्षय तृतीया के अवसर पर बीकानेर अपने स्थापना दिवस का जश्न मनाने के लिए तैयार है। इस बार शहर के मंदिरों में पहली बार भव्य पुष्प रंगोली सजाई जाएगी।

मोहनलाल·72 दिन पहले
सत्यानाशी: जिसे आप खरपतवार समझकर फेंक देते हैं, वही है राजस्थान का 'सुपरफूड', स्वाद में लाजवाब

सत्यानाशी: जिसे आप खरपतवार समझकर फेंक देते हैं, वही है राजस्थान का 'सुपरफूड', स्वाद में लाजवाब

राजस्थान की धरती पर उगने वाली सत्यानाशी को लोग अक्सर बेकार घास समझते हैं, जबकि यह एक पौष्टिक सुपरफूड है। इस लेख में जानें इसके अनूठे स्वाद और पारंपरिक महत्व के बारे में।

मोहनलाल·72 दिन पहले
जालोर में गाड़ियों के हॉर्न क्यों बजाते हैं लोग? लोकदेवता मामाजी की अनोखी परंपरा और मान्यता

जालोर में गाड़ियों के हॉर्न क्यों बजाते हैं लोग? लोकदेवता मामाजी की अनोखी परंपरा और मान्यता

जालोर में लोकदेवता मामाजी के थान के सामने से गुजरते समय वाहन चालक हॉर्न बजाकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं। यह अनोखी परंपरा राजस्थान की समृद्ध लोक-संस्कृति का हिस्सा है।

मोहनलाल·75 दिन पहले
1700 साल पुराना राता महावीर मंदिर: गजनवी के हमलों के बाद भी अटूट है पाली के इस तीर्थ की आस्था

1700 साल पुराना राता महावीर मंदिर: गजनवी के हमलों के बाद भी अटूट है पाली के इस तीर्थ की आस्था

राजस्थान के पाली जिले में स्थित 1700 साल पुराना राता महावीर स्वामी जैन मंदिर अपनी ऐतिहासिक भव्यता और अटूट आस्था के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर सदियों पुराने संघर्षों और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

मोहनलाल·75 दिन पहले
भीलवाड़ा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब: मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा में लिया आशीर्वाद

भीलवाड़ा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब: मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा में लिया आशीर्वाद

भीलवाड़ा में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। राजस्थान के मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कथा में शामिल होकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

मोहनलाल·76 दिन पहले
पगड़ी: राजस्थानी अस्मिता का मस्तक-ताज और गौरवशाली परंपरा

पगड़ी: राजस्थानी अस्मिता का मस्तक-ताज और गौरवशाली परंपरा

राजस्थान की संस्कृति में पगड़ी केवल एक पहनावा नहीं, बल्कि मान-सम्मान और वीरता का प्रतीक है। यह लेख राजस्थानी पगड़ी की गौरवशाली परंपरा और उसके महत्व पर प्रकाश डालता है।

मोहनलाल·79 दिन पहले
करणी माता मंदिर: चूहों का पवित्र साम्राज्य और एक अनसुलझा रहस्य

करणी माता मंदिर: चूहों का पवित्र साम्राज्य और एक अनसुलझा रहस्य

राजस्थान के देशनोक में स्थित करणी माता मंदिर अपनी अनोखी परंपराओं और हजारों चूहों के लिए प्रसिद्ध है। इस लेख में जानिए इस पवित्र मंदिर के पीछे के रहस्य और इतिहास के बारे में।

मोहनलाल·81 दिन पहले
एकलिंगजी मंदिर: मेवाड़ के आराध्य देव और राजपूती आन-बान का आध्यात्मिक केंद्र

एकलिंगजी मंदिर: मेवाड़ के आराध्य देव और राजपूती आन-बान का आध्यात्मिक केंद्र

अरावली की पहाड़ियों में स्थित एकलिंगजी मंदिर मेवाड़ के महाराणाओं का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है।

मोहनलाल·84 दिन पहले
राजस्थान की आत्मा: घूमर से कालबेलिया तक लोक कलाओं का वैभव

राजस्थान की आत्मा: घूमर से कालबेलिया तक लोक कलाओं का वैभव

राजस्थान की रेतीली धरा अपनी अनूठी लोक कलाओं और जीवंत संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इस लेख में घूमर और कालबेलिया जैसे पारंपरिक नृत्यों के वैभव को विस्तार से समझाया गया है।

मोहनलाल·84 दिन पहले
जयपुर में गुलाबी हाथी फोटोशूट: कला के नाम पर पशु क्रूरता या महज एक प्रयोग? जानिए क्या है पूरा विवाद

जयपुर में गुलाबी हाथी फोटोशूट: कला के नाम पर पशु क्रूरता या महज एक प्रयोग? जानिए क्या है पूरा विवाद

जयपुर में एक विदेशी फोटोग्राफर द्वारा हाथियों को गुलाबी रंग में रंगने पर विवाद खड़ा हो गया है। वन्यजीव प्रेमी इसे पशु क्रूरता बता रहे हैं।

मोहनलाल·88 दिन पहले