मौत का साया: पाली में सिस्टम की लापरवाही से गिरा बिजली का खंभा, टला बड़ा हादसा
शनिवार की दोपहर पाली के न्यू शक्ति नगर इलाके में रहने वाले लोगों के लिए किसी डरावने सपने जैसी साबित हुई। व्यस्त सड़क पर अचानक बिजली का एक खंभा भरभराकर गिर पड़ा, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। खंभे के जमीन पर टकराते ही चिंगारियों की बौछार हुई और तारों में करंट दौड़ने लगा। यह मंजर जितना भयानक था, उतना ही चौंकाने वाला भी। गनीमत रही कि जिस समय यह खंभा गिरा, सड़क पर कोई राहगीर या वाहन मौजूद नहीं था। अन्यथा, यह घटना एक बड़ी त्रासदी का रूप ले सकती थी।
खौफनाक मंजर: जब पलक झपकते ही मौत सामने आई
न्यू शक्ति नगर में शनिवार का दिन सामान्य दिनों की तरह बीत रहा था, तभी एक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। जब लोग बाहर निकले, तो उन्होंने देखा कि मुख्य मार्ग के बीचों-बीच बिजली का खंभा पड़ा हुआ है और बिजली के तारों से तेज स्पार्किंग हो रही है। इस दृश्य ने वहां मौजूद निवासियों के रोंगटे खड़े कर दिए। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचित किया और विद्युत आपूर्ति को बंद करवाया गया। यदि समय रहते बिजली नहीं काटी जाती, तो आस-पास के घरों में भी करंट फैलने का खतरा बन सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि खंभा गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि लोगों को लगा जैसे कोई विस्फोट हुआ हो। यह चमत्कार ही था कि उस समय सड़क खाली थी, क्योंकि यह इलाका दिनभर काफी व्यस्त रहता है।
बुनियादी ढांचे की जर्जर हालत और अनदेखी
यह घटना केवल एक खंभा गिरने का मामला नहीं है, बल्कि यह पाली के बुनियादी ढांचे की जर्जर होती स्थिति का एक बड़ा सबूत है। एक तकनीकी पहलू यह है कि बिजली के खंभों के आधार (बेस) को कंक्रीट की मजबूत नींव पर खड़ा किया जाता है, लेकिन वर्षों की अनदेखी, जंग और जलभराव के कारण यह नींव खोखली हो चुकी है।
शहरों में जल निकासी (ड्रेनेज) की खराब व्यवस्था के कारण अक्सर खंभों के आसपास पानी जमा रहता है। लगातार नमी के संपर्क में रहने से जमीन की पकड़ ढीली हो जाती है, जिससे खंभे अपना संतुलन खो देते हैं। विशेष रूप से बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। इसके अलावा, बिजली विभाग द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले 'सेफ्टी ऑडिट' और खंभों के स्वास्थ्य की जांच का अभाव इस हादसे का मुख्य कारण है। यदि विभाग ने समय रहते इन खंभों की स्थिति का आकलन किया होता, तो इस प्रकार के खतरों को पहले ही टाला जा सकता था।
शिकायतों के बाद भी प्रशासन का उदासीन रवैया
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि न्यू शक्ति नगर में बिजली के खंभों की खराब स्थिति के बारे में विभाग को कई बार अवगत कराया गया है। लिखित शिकायतों से लेकर मौखिक आग्रह तक, जनता ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन बिजली विभाग ने हर बार इन चेतावनियों को नजरअंदाज किया। स्थानीय लोगों का तर्क है कि विभाग हमेशा किसी बड़ी दुर्घटना के होने का इंतजार करता है, और जब तक कोई जनहानि न हो जाए, तब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि उनकी सुरक्षा को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। जब कोई खंभा झुकता है, तो वह एक स्पष्ट चेतावनी होता है कि उसकी उम्र पूरी हो चुकी है या वह क्षतिग्रस्त है। ऐसे में उसे बदलने की प्रक्रिया तत्काल शुरू होनी चाहिए, न कि शिकायत आने के बाद भी उसे फाइलों में दबा दिया जाना चाहिए।
क्या अभी भी बड़े खतरे का इंतजार है?
इस घटना ने पूरे न्यू शक्ति नगर के लोगों को दहशत में डाल दिया है। डर इस बात का है कि केवल वही खंभा जर्जर नहीं था जो गिरा है। इलाके के अन्य हिस्सों में भी कई खंभे खतरनाक रूप से झुकी हुई अवस्था में खड़े हैं। ये झुके हुए खंभे किसी भी समय, विशेषकर तेज हवा या बारिश के दौरान, सड़क पर चलते हुए लोगों के लिए काल बन सकते हैं।
निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे इलाके का सर्वे किया जाए और जर्जर हो चुके सभी खंभों को अविलंब बदला जाए। केवल मरम्मत (पेचवर्क) से काम नहीं चलेगा; विभाग को नए और मजबूत पोल लगाने होंगे ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो। लोगों का कहना है कि वे अब और अधिक जोखिम उठाने को तैयार नहीं हैं।
निष्कर्ष
पाली का यह हादसा प्रशासन और बिजली विभाग के लिए एक चेतावनी है। बुनियादी सुविधाएं जनता का अधिकार हैं, और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग का प्राथमिक कर्तव्य है। एक खंभे का गिरना यह बताने के लिए काफी है कि सिस्टम में कहीं न कहीं बड़ी चूक हो रही है। प्रशासन को चाहिए कि वह केवल हादसों के बाद सक्रिय होने के बजाय, निवारक (preventive) रखरखाव पर ध्यान केंद्रित करे। उम्मीद है कि इस घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारी नींद से जागेंगे और न्यू शक्ति नगर के निवासियों की सुरक्षा के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाएंगे, ताकि कोई और मासूम जान खतरे में न पड़े।





