राजस्थान के कोटा में इन दिनों सूरज के तेवर काफी तीखे होते जा रहे हैं। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है, लेकिन दूसरी ओर शहर की फल मंडियों में एक अलग ही हलचल देखने को मिल रही है। यह हलचल है तरबूज की बढ़ती मांग की। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग बड़ी संख्या में तरबूज की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इसका बाजार पूरे शबाब पर है।

बढ़ती गर्मी और तरबूज का बढ़ता बाजार

गर्मी का मौसम आते ही लोगों की खान-पान की आदतें पूरी तरह बदल जाती हैं। भारी भोजन की जगह लोग अब ऐसी चीजों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो शरीर में पानी की कमी न होने दें और शरीर को अंदर से ठंडा रखें। इसी जरूरत ने व्यापार के गणित को भी बदल दिया है। तरबूज, जिसमें लगभग 92 प्रतिशत पानी होता है, इस सीजन में लोगों की पहली पसंद बन गया है।

कोटा के बाजारों में स्थिति यह है कि तरबूज की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। दुकानदारों का कहना है कि सुबह से लेकर शाम तक तरबूज खरीदने वालों का तांता लगा रहता है। लोग इसे केवल एक फल नहीं, बल्कि गर्मी से बचने का एक सस्ता और प्रभावी जरिया मान रहे हैं। महज 20 रुपये प्रति किलो की कीमत पर मिल रहा यह फल आम आदमी की जेब पर भी भारी नहीं पड़ रहा, यही कारण है कि रेहड़ी-पटरी से लेकर बड़े फ्रूट स्टोर तक, हर जगह तरबूज की बिक्री जोरों पर है।

मंडी में हर दिन 15 गाड़ियों की आवक

कोटा की प्रमुख फल मंडियों में इस समय तरबूज की आवक का आलम यह है कि रोजाना 10 से 15 बड़ी गाड़ियां माल लेकर पहुंच रही हैं। मंडी के आढ़तियों और व्यापारियों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार मांग काफी ज्यादा है। जैसे ही सुबह मंडी में ट्रकों से माल उतरता है, स्थानीय दुकानदार और खुदरा विक्रेता इसे हाथों-हाथ खरीद लेते हैं।

व्यापारियों का मानना है कि मांग अधिक होने के बावजूद आपूर्ति सुचारू है, इसलिए कीमतों में बहुत ज्यादा उछाल नहीं आया है। 20 रुपये किलो का भाव ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है। थोक मंडी में माल आते ही चंद घंटों में पूरा स्टॉक बिक जाता है। यह स्थिति दर्शाती है कि शहर में तरबूज की खपत कितनी तेजी से बढ़ी है। कई किसान भी अब सीधे मंडी में अपना माल लेकर आ रहे हैं, जिससे बिचौलियों का प्रभाव कम हुआ है और ग्राहकों को ताजा माल मिल रहा है।

सेहत के लिए फायदेमंद और चुनने के सही तरीके

तरबूज केवल प्यास बुझाने का साधन नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के दौरान डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से बचने के लिए तरबूज एक वरदान की तरह है। इसमें मौजूद लाइकोपीन, पोटेशियम और विटामिन-ए जैसे पोषक तत्व शरीर को लू से बचाने में मदद करते हैं।

हालांकि, बाजार से तरबूज खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। कई बार लोग जल्दबाजी में खराब या कच्चा फल खरीद लेते हैं। तरबूज खरीदते समय हमेशा उसका वजन महसूस करें—एक अच्छा और पका हुआ तरबूज अपने आकार के मुकाबले भारी होता है। इसके अलावा, तरबूज के निचले हिस्से पर एक पीला धब्बा (फील्ड स्पॉट) होना चाहिए, जो यह दर्शाता है कि वह खेत में पूरी तरह पककर तैयार हुआ है। यदि आप तरबूज पर हल्की थाप मारें और उससे खोखली या गूंजती हुई आवाज आए, तो समझें कि वह अंदर से रसीला और मीठा है। कोटा के ग्राहक अब इन बारीकियों को समझकर ही खरीदारी कर रहे हैं, ताकि उन्हें अपनी मेहनत की कमाई का पूरा फल मिल सके।

निष्कर्ष

निष्कर्ष के तौर पर यह कहा जा सकता है कि कोटा में इस बार गर्मी ने तरबूज के व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। भीषण तपिश के बीच 20 रुपये किलो में मिल रहा यह 'ठंडक का खजाना' हर वर्ग के लोगों की थाली का हिस्सा बन गया है। न केवल व्यापारियों के लिए यह सीजन मुनाफे का सौदा साबित हो रहा है, बल्कि आम जनता को भी गर्मी से बचने के लिए एक सस्ता और सेहतमंद विकल्प मिल गया है। उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में, जैसे-जैसे गर्मी और बढ़ेगी, तरबूज की मांग और आवक का यह सिलसिला इसी तरह बना रहेगा।