अक्षय तृतीया 2026: राजस्थान के सभी जिलों के शुभ मुहूर्त
तिथि: रविवार, 19 अप्रैल 2026 | तृतीया तिथि आरंभ: सुबह 10:49 बजे | तृतीया तिथि समाप्त: 20 अप्रैल, सुबह 7:27 बजे
राजस्थान जिलेवार पूजा मुहूर्त एवं सोना खरीदने का समय
राजस्थान में अक्षय तृतीया को आखा तीज के नाम से जाना जाता है और यह प्रदेश के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। राजस्थान पूर्व से पश्चिम तक लगभग 869 किमी फैला है, इसलिए सूर्योदय और अभिजित मुहूर्त के समय में शहर दर शहर अंतर आता है। पश्चिमी राजस्थान (जैसलमेर, बाड़मेर) में पूजा मुहूर्त की अवधि पूर्वी राजस्थान (धौलपुर, भरतपुर) की तुलना में अधिक लंबी रहती है।
नीचे दी गई तालिका में द्रिक पंचांग के आधार पर प्रमुख शहरों का पुष्ट डेटा (✓ चिह्न) और शेष जिलों का स्थानीय देशांतर (longitude) के आधार पर अनुमानित समय दिया गया है।
नोट: अक्षय तृतीया अबूझ मुहूर्त है — पूरे दिन कोई भी शुभ कार्य बिना मुहूर्त देखे किया जा सकता है। नीचे दिया गया मुहूर्त सर्वोत्तम पूजा समय है, लेकिन तृतीया तिथि की पूरी अवधि (सुबह 10:49 से अगले दिन सुबह 7:27 तक) शुभ मानी गई है।
अक्षय तृतीया 2026: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक महत्व
जयपुर संभाग
| जिला | पूजा मुहूर्त | अवधि | सोना खरीदने का मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| जयपुर ✓ | 10:49 AM – 12:26 PM | 1 घंटा 37 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:52 AM (20 अप्रैल) |
| दौसा | 10:49 AM – 12:24 PM | 1 घंटा 35 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:52 AM (20 अप्रैल) |
| अलवर | 10:49 AM – 12:22 PM | 1 घंटा 33 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:50 AM (20 अप्रैल) |
| सीकर | 10:49 AM – 12:29 PM | 1 घंटा 40 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:55 AM (20 अप्रैल) |
| झुंझुनूं | 10:49 AM – 12:27 PM | 1 घंटा 38 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:54 AM (20 अप्रैल) |
| टोंक | 10:49 AM – 12:26 PM | 1 घंटा 37 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:52 AM (20 अप्रैल) |
जोधपुर संभाग
| जिला | पूजा मुहूर्त | अवधि | सोना खरीदने का मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| जोधपुर ✓ | 10:49 AM – 12:37 PM | 1 घंटा 48 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 6:02 AM (20 अप्रैल) |
| जैसलमेर | 10:49 AM – 12:46 PM | 1 घंटा 57 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 6:10 AM (20 अप्रैल) |
| बाड़मेर | 10:49 AM – 12:44 PM | 1 घंटा 55 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 6:08 AM (20 अप्रैल) |
| पाली | 10:49 AM – 12:36 PM | 1 घंटा 47 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 6:01 AM (20 अप्रैल) |
| जालोर | 10:49 AM – 12:39 PM | 1 घंटा 50 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 6:04 AM (20 अप्रैल) |
| सिरोही | 10:49 AM – 12:38 PM | 1 घंटा 49 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 6:03 AM (20 अप्रैल) |
उदयपुर संभाग
| जिला | पूजा मुहूर्त | अवधि | सोना खरीदने का मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| उदयपुर ✓ | 10:49 AM – 12:34 PM | 1 घंटा 46 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:59 AM (20 अप्रैल) |
| राजसमंद | 10:49 AM – 12:34 PM | 1 घंटा 45 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:59 AM (20 अप्रैल) |
| डूंगरपुर | 10:49 AM – 12:34 PM | 1 घंटा 45 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:59 AM (20 अप्रैल) |
| बांसवाड़ा | 10:49 AM – 12:32 PM | 1 घंटा 43 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:57 AM (20 अप्रैल) |
| प्रतापगढ़ | 10:49 AM – 12:30 PM | 1 घंटा 41 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:56 AM (20 अप्रैल) |
| चित्तौड़गढ़ | 10:49 AM – 12:31 PM | 1 घंटा 42 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:57 AM (20 अप्रैल) |
| भीलवाड़ा | 10:49 AM – 12:31 PM | 1 घंटा 42 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:57 AM (20 अप्रैल) |
अजमेर संभाग
| जिला | पूजा मुहूर्त | अवधि | सोना खरीदने का मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| अजमेर | 10:49 AM – 12:31 PM | 1 घंटा 42 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:57 AM (20 अप्रैल) |
| नागौर | 10:49 AM – 12:34 PM | 1 घंटा 45 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:59 AM (20 अप्रैल) |
बीकानेर संभाग
| जिला | पूजा मुहूर्त | अवधि | सोना खरीदने का मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| बीकानेर | 10:49 AM – 12:36 PM | 1 घंटा 47 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 6:01 AM (20 अप्रैल) |
| चूरू | 10:49 AM – 12:29 PM | 1 घंटा 40 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:55 AM (20 अप्रैल) |
| श्रीगंगानगर | 10:49 AM – 12:34 PM | 1 घंटा 45 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:59 AM (20 अप्रैल) |
| हनुमानगढ़ | 10:49 AM – 12:32 PM | 1 घंटा 43 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:57 AM (20 अप्रैल) |
कोटा संभाग
| जिला | पूजा मुहूर्त | अवधि | सोना खरीदने का मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| कोटा | 10:49 AM – 12:26 PM | 1 घंटा 37 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:52 AM (20 अप्रैल) |
| बूंदी | 10:49 AM – 12:27 PM | 1 घंटा 38 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:53 AM (20 अप्रैल) |
| बारां | 10:49 AM – 12:23 PM | 1 घंटा 34 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:50 AM (20 अप्रैल) |
| झालावाड़ | 10:49 AM – 12:24 PM | 1 घंटा 35 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:51 AM (20 अप्रैल) |
भरतपुर संभाग
| जिला | पूजा मुहूर्त | अवधि | सोना खरीदने का मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| भरतपुर | 10:49 AM – 12:19 PM | 1 घंटा 30 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:47 AM (20 अप्रैल) |
| धौलपुर | 10:49 AM – 12:17 PM | 1 घंटा 28 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:45 AM (20 अप्रैल) |
| करौली | 10:49 AM – 12:21 PM | 1 घंटा 32 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:48 AM (20 अप्रैल) |
| सवाई माधोपुर | 10:49 AM – 12:24 PM | 1 घंटा 35 मि. | 10:49 AM (19 अप्रैल) – 5:51 AM (20 अप्रैल) |
चौघड़िया मुहूर्त (समस्त राजस्थान हेतु)
चौघड़िया मुहूर्त के अनुसार सोना खरीदने और शुभ कार्यों के लिए निम्नलिखित समय विशेष रूप से शुभ हैं:
| समय अवधि | चौघड़िया | उपयुक्तता |
|---|---|---|
| सुबह 10:49 – दोपहर ~12:30 | चर, लाभ, अमृत | सर्वोत्तम — पूजा + सोना खरीदना दोनों |
| दोपहर ~3:00 – शाम ~4:40 | शुभ | सोना खरीदना, नया कार्य आरंभ |
| रात ~8:00 – रात ~12:00 | शुभ, अमृत, चर | सोना खरीदना |
| रात ~2:30 – सुबह ~3:50 (20 अप्रैल) | लाभ | सोना खरीदना |
चौघड़िया का सटीक समय शहर के सूर्योदय/सूर्यास्त पर निर्भर करता है — ऊपर दिए गए समय अनुमानित हैं।
अक्षय तृतीया 2026: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक महत्व
राजस्थान में आखा तीज की विशेष परंपराएँ
राजस्थान में अक्षय तृतीया को आखा तीज कहते हैं और यह यहाँ की सबसे प्रमुख तिथियों में से एक है। राजस्थान की कुछ खास परंपराएँ:
विवाह का सबसे बड़ा दिन
राजस्थान में आखा तीज पर सामूहिक विवाह (mass marriages) की सदियों पुरानी परंपरा है। यह अबूझ मुहूर्त होने के कारण बिना पंचांग देखे विवाह संपन्न किए जाते हैं। मारवाड़, मेवाड़ और शेखावाटी क्षेत्रों में इस दिन हजारों विवाह होते हैं। गाँवों में "बालिका विवाह" की कुरीति पर अब काफी हद तक रोक लगी है, लेकिन वयस्क विवाह की परंपरा आज भी जोरों पर है।
सोना-चांदी और आभूषण खरीदना
जयपुर का जौहरी बाज़ार, जोधपुर की सर्राफा गली, उदयपुर का बापू बाज़ार — इन सभी में आखा तीज पर अपार भीड़ उमड़ती है। राजस्थान के सुनार और ज्वैलर्स साल भर में सबसे ज्यादा कारोबार इसी दिन करते हैं।
गेहूँ की पूजा और सत्तू का दान
राजस्थान में आखा तीज रबी फसल की कटाई के बाद आती है। इसलिए नए गेहूँ की पूजा का विशेष महत्व है। ग्रामीण क्षेत्रों में सत्तू, गुड़ और शीतल जल का दान किया जाता है, जो ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत में अत्यंत सार्थक है।
मिट्टी के बर्तन और कूलर का दान
राजस्थान की भीषण गर्मी को देखते हुए इस दिन मिट्टी के घड़े (मटके), छाते, जूते-चप्पल और कूलर का दान करना विशेष पुण्यकारी माना जाता है।
पुष्कर और नाथद्वारा में विशेष पूजा
अजमेर के पास पुष्कर में ब्रह्मा जी के मंदिर में और नाथद्वारा में श्रीनाथजी के मंदिर में आखा तीज पर विशेष पूजा-अर्चना और भव्य आयोजन होते हैं। श्रीनाथजी को ग्रीष्मकालीन वेशभूषा (चंदन का लेप) पहनाया जाता है।
सारांश
राजस्थान के लोगों के लिए आखा तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि जीवन की नई शुरुआत का दिन है। चाहे विवाह हो, नया व्यवसाय हो, सोना खरीदना हो या दान करना हो — यह दिन सबके लिए शुभ और मंगलकारी है।
19 अप्रैल 2026, रविवार — अपने शहर के मुहूर्त के अनुसार पूजा करें, दान करें और इस अक्षय तिथि का लाभ उठाएँ।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। सभी राजस्थानवासियों को आखा तीज 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ!
स्रोत: जयपुर, जोधपुर और उदयपुर के मुहूर्त द्रिक पंचांग (drikpanchang.com) से पुष्ट हैं। शेष जिलों के मुहूर्त स्थानीय देशांतर और अभिजित मुहूर्त की गणना पर आधारित अनुमानित समय हैं — 1-2 मिनट का अंतर संभव है।





